- डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी: नॉस्टेल्जिक अहसास और कुछ कमजोरियां
- फीचर्स और कन्वीनियंस: कुछ नया और कुछ पुराना
- स्मार्ट फीचर्स और मोबाइल ऐप का कड़वा सच
तो फाइनली हमारे सामने आ चुका है Kinetic DX इलेक्ट्रिक स्कूटर, जो हाल ही में अपने नए इलेक्ट्रिक अवतार में लॉन्च हुआ है। आज हम विस्तार से जानेंगे कि इस स्कूटर में आपको कौन-से फीचर्स मिलते हैं और इसकी असल परफॉर्मेंस कैसी है।
इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि इसकी एक्चुअल रेंज कितनी है, इसमें क्या पॉजिटिव पॉइंट्स हैं और क्या कमियां नजर आ रही हैं। क्या यह स्कूटर आपके पैसों की सही कीमत वसूल करता है या आपको इसे नजरअंदाज करना चाहिए? आइए जानते हैं।
डिज़ाइन और बिल्ड क्वालिटी: नॉस्टेल्जिक अहसास और कुछ कमजोरियां
सबसे पहले इसके फ्रंट फेशिया यानी इसके मुखड़े की बात करें तो यह काफी आकर्षक लगता है। कंपनी ने इसके Nostalgic Angle पर बहुत अच्छा काम किया है, जिससे यह पुराने दिनों की याद दिलाता है।
स्कूटर के लोगो में भी लाइट जलती है, जो दूर से देखने में इसे दूसरे स्कूटरों से काफी अलग और प्रीमियम लुक देती है। फ्रंट में 12 इंच के व्हील्स दिए गए हैं जिनमें MRF Zapper टायर और 100/80 का सेक्शन मिलता है।
बिल्ड क्वालिटी की बात करें तो इसमें मेटल और प्लास्टिक का मिश्रण देखने को मिलता है। मुख्य बॉडी को Metal से बनाया गया है, जो काफी मजबूत महसूस होती है, लेकिन कुछ पैनल प्लास्टिक के भी हैं।
साइड पैनल्स में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है, और कुछ जगह पर यह काफी फ्लमजी यानी हल्का महसूस होता है। स्कूटर का कुल वजन 128 किलोग्राम है, जो इसे चलाने में थोड़ा भारी अहसास देता है।
फीचर्स और कन्वीनियंस: कुछ नया और कुछ पुराना
काइनेटिक ने इसमें कुछ ट्रेंडी फीचर्स देने की कोशिश की है, जैसे कि इसके फुट पैक्स। एक बटन दबाते ही फुट पैक्स खुल जाते हैं, जो एक काफी Convenient फीचर है और देखने में भी कूल लगता है।
पीछे की तरफ एडजस्टेबल स्प्रिंग सस्पेंशन दिए गए हैं जिन्हें आप 5 Settings के साथ अपनी जरूरत के हिसाब से सेट कर सकते हैं। इसमें खुद काइनेटिक ब्रांड की हब मोटर इस्तेमाल की गई है जो पीछे के ड्रम ब्रेक के साथ आती है।
इसके रियर टेल लैंप और इंडिकेटर असेंबली को एक साथ रखा गया है, लेकिन यहाँ फिनिशिंग थोड़ी कमजोर लगती है। हाथ लगाने पर कुछ हिस्से अंदर दब जाते हैं, जिससे इसके लंबे समय तक टिकने पर सवाल उठते हैं।
सीट की बात करें तो यह काफी लंबी है और अच्छी कुशनिंग के साथ आती है। सीट के नीचे 37 Liters का बड़ा बूट स्पेस मिलता है, जिसमें एक हाफ फेस हेलमेट आसानी से आ सकता है।
स्मार्ट फीचर्स और मोबाइल ऐप का कड़वा सच
Kinetic DX Plus वेरिएंट में 8 इंच का क्लस्टर दिया गया है, हालांकि इसमें एक्चुअल डिस्प्ले लगभग 5.5 इंच की ही लगती है। इसमें कॉल असिस्टेंट का फीचर है, जिससे ब्लूटूथ कनेक्ट होने पर आप कॉल कर सकते हैं।
डिस्प्ले के पास दिए गए बटन्स क्लिक फील के साथ आते हैं, लेकिन इनका फीडबैक थोड़ा कम महसूस होता है। इसमें एक Speaker भी दिया गया है, जिसके जरिए मैप नेविगेशन और म्यूजिक के फीचर्स मिलने का दावा है।
मोबाइल ऐप की बात करें तो इसमें कई कमियां नजर आईं। बैटरी परसेंटेज स्कूटर की स्क्रीन और ऐप में अलग-अलग दिखता है, जो Synchronization की कमी को दर्शाता है।
ऐप से सीट लॉक-अनलॉक और हज़ार्ड लाइट जैसे फंक्शन कभी काम करते हैं और कभी नहीं। साथ ही, स्कूटर को बिना चाबी के पासवर्ड से ही स्टार्ट करना पड़ता है, जो सुरक्षा के लिहाज से थोड़ा Unpractical लग सकता है।
परफॉर्मेंस और स्पीड टेस्ट: क्या यह सड़कों पर टिक पाएगा?
परफॉर्मेंस के मामले में कंपनी का दावा है कि यह 0 से 40 की रफ्तार 4.7 Seconds में पकड़ लेता है। हमने इसे अलग-अलग मोड्स में टेस्ट किया है ताकि इसकी असली क्षमता का पता चल सके।
Range Mode में इसकी टॉप स्पीड 50 किमी/घंटा तक सीमित रहती है। वहीं Power Mode में यह 70 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ता है और पिकअप काफी क्विक महसूस होता है।
सबसे टॉप Turbo Mode में यह 90 किमी/घंटा की टॉप स्पीड तक पहुँच जाता है। हब मोटर होने के बावजूद इसका थ्रोटल रिस्पॉन्स काफी स्मूथ है और पावर डिलीवरी में कोई बड़ा लैग महसूस नहीं होता।
राइडिंग पोस्चर की बात करें तो लंबी हाइट वाले लोगों के लिए यह थोड़ा असहज हो सकता है। 5 फीट 9 इंच की हाइट वाले राइडर के घुटने हैंडल के काफी करीब आ जाते हैं, जो लंबी राइड में थकान दे सकता है।
सस्पेंशन और ब्रेकिंग: ऊबड़-खाबड़ रास्तों का इम्तिहान
स्कूटर के सस्पेंशन थोड़े Stiff यानी हार्ड साइड पर रखे गए हैं। अगर आप इसे बहुत चिकनी सड़क पर चला रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन गड्ढों में इसका झटका सीधे महसूस होता है।
पीछे बैठे पैसेंजर को सड़क के झटके काफी ज्यादा लगते हैं, जो राइड क्वालिटी को थोड़ा खराब कर देता है। हालांकि, ब्रेकिंग के मामले में स्कूटर अच्छा परफॉर्म करता है। फ्रंट डिस्क और CBS टेक्नोलॉजी इसे सुरक्षित तरीके से रोकती हैं।
इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 165 mm है, जो भारतीय सड़कों के हिसाब से पर्याप्त है। इसमें ऑन-बोर्ड चार्जर दिया गया है जिसकी केबल 3 मीटर लंबी है और इसे वापस अंदर समेटने का सिस्टम भी काफी बढ़िया है।
बैटरी और रेंज का असली गणित: दावे बनाम हकीकत
सबसे मुख्य बात इसकी रेंज की है। कंपनी इसमें 2.6 kWh LFP Battery पैक देती है, जिसकी सर्टिफाइड रेंज 105 किलोमीटर बताई गई है। लेकिन असल जिंदगी में कहानी थोड़ी अलग है।
हमारी टेस्टिंग के दौरान, जिसमें हमने हाई स्पीड और दो लोगों के साथ भी चलाया, यह लगभग 70-75 किलोमीटर की रेंज देता दिखा। सामान्य तौर पर आप इससे 80 से 85 किलोमीटर की रेंज की उम्मीद कर सकते हैं।
बैटरी को 0 से 80% चार्ज होने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है। कंपनी बैटरी पर 3 साल या 30,000 किलोमीटर की वारंटी देती है, जिसे आप एक्स्ट्रा पैसे देकर 9 साल तक बढ़वा सकते हैं।
पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट्स: एक नजर में
पॉजिटिव पॉइंट्स: - नॉस्टेल्जिक डिज़ाइन जो पुराने लुक को मॉडर्न टच देता है। - Hub Motor के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी अच्छी और स्मूथ है। - ऑन-बोर्ड चार्जर और 37 लीटर का बड़ा बूट स्पेस। - Metal Body का इस्तेमाल इसे मजबूती देता है।
नेगेटिव पॉइंट्स: - लंबी हाइट वाले लोगों के लिए अनकंफर्टेबल राइडिंग पोस्चर। - सस्पेंशन काफी हार्ड हैं, जिससे खराब रास्तों पर दिक्कत होती है। - मोबाइल ऐप में बहुत सारे Bugs हैं और यह रिलायबल नहीं है। - कीमत के मुकाबले रेंज काफी कम महसूस होती है।
फाइनल वर्डिक्ट: क्या आपको Kinetic DX खरीदना चाहिए?
अगर हम Value for Money के पैमाने पर देखें तो यह स्कूटर मिड रेंज या उससे भी थोड़ा नीचे नजर आता है। इस सेगमेंट में TVS iQube और Bajaj Chetak जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से ही मौजूद हैं।
TVS iQube की कीमत और रेंज इसके मुकाबले काफी बेहतर विकल्प पेश करती हैं। काइनेटिक को या तो इसकी कीमत कम रखनी चाहिए थी या फिर बैटरी पैक बढ़ाकर इसकी रेंज को 100 किमी के पार ले जाना चाहिए था।
सिर्फ उन लोगों के लिए यह एक विकल्प हो सकता है जिनका काइनेटिक ब्रांड से कोई भावनात्मक लगाव है। बाकी आम ग्राहकों के लिए बाजार में इससे बेहतर परफॉर्मेंस और रेंज वाले स्कूटर्स उपलब्ध हैं।
हमारी सलाह यही रहेगी कि आप मार्केट लीडर्स यानी टॉप ब्रांड्स के साथ जाएं, क्योंकि वहाँ आपको बेहतर सर्विस और ज्यादा भरोसेमंद टेक्नोलॉजी मिलती है। इस स्कूटर की कहानी अभी पूरी तरह जम नहीं पा रही है।