Nissan Grit: 1.5 लाख एक्स्ट्रा? इस गलती से बचें, वरना पछताएंगे!

Nissan Grit: 1.5 लाख एक्स्ट्रा? इस गलती से बचें, वरना पछताएंगे!
Nissan Grit के साथ एक रोमांचक ड्राइव का अनुभव, जिसने प्रदर्शन के मामले में उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया। सबसे महत्वपूर्ण पहलू, गाड़ी की Power

यह एक नैचुरल एस्पिरेटेड इंजन के साथ आता है, इसलिए इसकी शक्ति स्वाभाविक रूप से थोड़ी सीमित होती है। तीन-सिलेंडर इंजन से आने वाली आवाज, खासकर जब गाड़ी में चार-पांच लोग बैठे हों और लगेज भी रखा हो, तब थोड़ा स्ट्रगल करती हुई महसूस होती है, खासकर पहाड़ी इलाकों में।

💡 "नैचुरल एस्पिरेटेड इंजन पहाड़ी इलाकों में फंसेगा? 4-5 लोग और लगेज के साथ स्ट्रगल तय!"

हालांकि, इस गाड़ी की कीमत को देखते हुए, यह निश्चित रूप से एक बढ़िया पैकेज प्रदान करती है। अगर आप टर्बोचार्ज्ड इंजन का विकल्प चाहते थे, तो कंपनी इसे उपलब्ध करा सकती थी। लेकिन कंपनी यह जानती है कि इससे गाड़ी की कीमत काफी बढ़ जाएगी।

क्या आप 1.5 लाख रुपये अतिरिक्त देकर टर्बोचार्ज्ड इंजन का विकल्प चुनेंगे? 

कुल मिलाकर, सस्पेंशन भी आपको ठीक-ठाक ही मिलता है। भारतीय सड़कों पर हर पल गड्ढे मिलना आम बात है। इसलिए, इस गाड़ी में आपको संतुलित समाधान मिलेगा।

यह सच है कि कार के अंदर से कुछ आवाजें आती हैं। इंसुलेशन को थोड़ा और बेहतर किया जा सकता था।

AMT ट्रांसमिशन के लिए आप ₹60,000 अतिरिक्त भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, मेरी राय में, इसे लेने की आवश्यकता नहीं है। मैनुअल ट्रांसमिशन कहीं अधिक वैल्यू फॉर मनी है।

💡 "₹60,000 देकर AMT? क्रूज कंट्रोल के बिना ऑटोमेटिक, यह एक डील ब्रेकर है!"

इसका एक मुख्य कारण यह है कि क्रूज कंट्रोल जैसा महत्वपूर्ण फीचर ऑटोमेटिक में नहीं, बल्कि केवल मैनुअल ट्रांसमिशन में उपलब्ध है। कंपनी इसे कॉस्ट-कटिंग कहती है, लेकिन मैं इसे एक डील-ब्रेकर मानता हूं।

फ्रंट पार्किंग सेंसर काफी उपयोगी लगे। कुल मिलाकर, कंफर्ट का अनुभव डिसेंट रहा। सीटों की क्वालिटी अच्छी है और आगे, पीछे और तीसरी पंक्ति में भी पर्याप्त स्पेस मिलता है।

माइलेज की बात करें तो, सिटी में यह 12-13 किलोमीटर प्रति लीटर और हाईवे पर 17-18 किलोमीटर प्रति लीटर के आसपास देती है।

कंपनी 19.6 किलोमीटर प्रति लीटर का दावा करती है, जो केवल तब संभव है जब आप अकेले गाड़ी चला रहे हों और हाईवे पर आराम से क्रूज कंट्रोल का उपयोग कर रहे हों।

💡 "100+ की स्पीड पर 6th गियर की कमी? क्या रिफाइनमेंट में की गई है कटौती?"

100 किलोमीटर प्रति घंटा से ऊपर की रफ्तार पर, आपको छठे गियर की कमी महसूस होने लगती है। काश, रिफाइनमेंट थोड़ा और बेहतर होता तो मज़ा आ जाता।

वैसे, 625 लीटर की बूट स्पेस और 10 साल की वारंटी जैसी सुविधाएं कैसे संभव हैं, साथ ही, इसमें ऐसे फीचर्स भी मिलते हैं जो आपको किसी अन्य गाड़ी में नहीं मिलेंगे।

💡 "10 साल की वारंटी? क्या यह गाड़ी वाकई इतनी भरोसेमंद है?"
Rajesh Kashyap

Digital & Tech enthusiast। पिछले कई सालों से Geopolitics, Indian Finance और EV sector को closely follow कर रहा हूँ। Behind The Fold (behindthefold.in) का Founder — जहाँ हम headlines के पीछे की असली कहानी लाते हैं।

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