- स्कूटर के पॉजिटिव पहलू: उम्मीद से बेहतर
- स्कूटर के नेगेटिव पहलू: कुछ चिंताजनक, कुछ बेहद गंभीर
- आफ्टर-सेल सर्विस: निराशाजनक अनुभव
2 साल 4 महीने स्कूटर चलाने के बाद, जो रेंज 100 किमी थी, वह घटकर सिर्फ 40 किमी रह गई है। इस स्कूटर के साथ मेरा सफर, पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों अनुभवों से भरा रहा है।
स्कूटर के पॉजिटिव पहलू: उम्मीद से बेहतर
2 साल बाद भी, मुझे इस स्कूटर में कुछ चीजें बेहद पसंद हैं। सबसे पहले, इसकी बिल्ड क्वालिटी। आप इसे कहीं भी खरोंचें या ठोकरें, यह लो-क्वालिटी प्रोडक्ट नहीं लगेगा, जैसा कि कुछ नए स्टार्टअप्स के प्रोडक्ट्स में देखने को मिलता है। इसकी क्वालिटी Bajaj, Hero, TVS जैसी कंपनियों के बराबर है। यह स्कूटर असल में भारी भी है, जो इसकी क्वालिटी को और मजबूती देता है।
दूसरा पॉजिटिव है इसकी हैंडलिंग। इस सेगमेंट में मुझे इसकी हैंडलिंग सबसे अच्छी लगती है। यह TVS जितनी सॉफ्ट भी नहीं है और Ather जितनी स्पोर्टी भी नहीं, जिसने इसे सिटी और हाईवे दोनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाया है। हाईवे पर भी हैंडल थोड़ा भारी महसूस होता है, जिससे कॉन्फिडेंट राइड मिलती है। इसकी एजिलिटी भी अच्छी है, जिससे सिटी में इसे चलाना और कॉर्नरिंग करना आसान हो जाता है। टायर ग्रिप और सस्पेंशन भी इसकी राइडिंग क्वालिटी से मेल खाते हैं। कुल मिलाकर, राइडिंग के मामले में यह स्कूटर काफी अच्छा है।
तीसरा पॉजिटिव है इसकी परफॉर्मेंस। दो साल से इसे लगातार टेस्ट करते हुए, चाहे वह 0 से 40 की स्पीड हो, हाई स्पीड हो, दो लोगों के साथ हो, या 200 किलो से ज्यादा का वजन हो, स्कूटर ने कभी भी परफॉर्मेंस डाउन होने का एहसास नहीं कराया। इसकी मोटर काफी अच्छी है और मुझे कभी हीटिंग की समस्या नहीं हुई, जैसा कि कुछ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में होता है। मैंने इसे 60-70 किमी/घंटा की हाई स्पीड पर लंबे समय तक चलाया है, और यह सॉलिड परफॉर्मेंस देता है। 0 से 40 की स्पीड पकड़ने में इसे लगभग 3.2 सेकंड लगते हैं।
चौथा पॉजिटिव है फास्ट चार्जिंग के साथ पोर्टेबल बैटरी। यह कॉम्बिनेशन मार्केट में शायद ही कहीं और मिलेगा। Vida स्कूटर में यह सुविधा है और यह काफी यूज़फुल है। मेरे घर और ऑफिस के पास चार्जिंग स्टेशन होने से मैं इसका खूब इस्तेमाल करता हूँ। पोर्टेबल बैटरी का फायदा यह है कि मैं इसे ऑफिस में ऊपर ले जा सकता हूँ, और घर पर स्कूटर सीधे चार्ज हो जाता है। यह दोनों दुनियाओं की सुविधा देता है, जो किसी और स्कूटर में नहीं मिलती।
आखिरी प्रैक्टिकल पॉजिटिव है इसका एक्सीडेंट अलर्ट फीचर। अगर स्कूटर कभी गिरता है या टकराता है, तो सेव किए गए नंबर पर अलर्ट चला जाता है, साथ में लोकेशन भी। यह वाकई में एक बहुत काम का फीचर है।
स्कूटर के नेगेटिव पहलू: कुछ चिंताजनक, कुछ बेहद गंभीर
नेगेटिव्स की लिस्ट थोड़ी लंबी है, इसलिए मैंने इन्हें माइनर और मेजर नेगेटिव्स में बांटा है।
माइनर नेगेटिव्स: छोटी-मोटी परेशानियां
पहले माइनर नेगेटिव की बात करें तो वो हैं ये मिरर। आप इन्हें किसी भी पोजीशन में सेट कर लें, ये नीचे ही आ जाते हैं। ये वाइब्रेट भी बहुत करते हैं, जिससे पीछे का साफ नहीं दिखता। दूसरा है स्टार्ट-स्टॉप बटन। इसने डेढ़-दो साल तक काफी परेशान किया, खासकर सर्दियों में तो यह काम करना बंद कर देता था। इसे बदलवाने के बाद थोड़ा आराम है, लेकिन यह वारंटी में फ्री में नहीं बदला गया।
फिर आती है इसकी डिस्प्ले। 7 इंच की ब्राइटनेस अच्छी है, लेकिन यह पूरी तरह से बेकार है। इसमें कोई ऐसा फीचर नहीं है जिसे आप वाकई में यूज़ करें। ऑनबोर्ड नेविगेशन का ऑप्शन था, लेकिन Hero इसे देता ही नहीं है। मोबाइल ऐप कभी चलता है, कभी महीनों तक नहीं। इसमें स्कूटर को ट्रैक करने या अलर्ट पाने जैसे कुछ काम के ऑप्शन हैं, और चाबी भूल जाने पर ऐप से स्कूटर स्टार्ट/स्टॉप करने की सुविधा भी है, लेकिन यह भी तभी काम करता है जब ऐप सही से चल रहा हो।
एक और नेगेटिव है चार्जिंग पोर्ट। अगर चार्जर लगाकर सीट जोर से बंद कर दें, तो स्कूटर चार्ज नहीं होता। ऐसा मेरे साथ 10 में से एक-दो बार हो जाता है। सर्विस सेंटर ने कहा कि शायद पिन ढीली हो गई है, लेकिन कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। रियर ब्रेक भी मुझे कुछ खास असरदार नहीं लगते।
मेजर नेगेटिव्स: बड़ी और गंभीर समस्याएं
अब बात करते हैं मेजर नेगेटिव्स की, जिसमें सबसे पहला है हमारी प्यारी सी बैटरी, जो अब लगभग डेड हो चुकी है। इसी वजह से 100 किमी की रेंज घटकर सिर्फ 40 किमी रह गई है। दूसरी बैटरी भी 100% चार्ज नहीं हो रही, कभी 85-90% तक ही चार्ज होती है। कुल मिलाकर, जो रेंज मुझे दोनों बैटरियों के साथ 100 किमी (या दो लोगों के साथ 90 किमी) मिलती थी, अब सिर्फ 20-25 किमी रह गई है।
"2 साल में स्कूटर की रेंज 60% कम हो गई, यह मेरी कल्पना से बाहर था।"
दूसरा मेजर नेगेटिव थोड़ा अटपटा है: स्कूटर दो बार बिना चाबी और बिना फोन के भी चल गया। एक बार जब मैंने स्कूटर अपने दोस्त को दिया था, और मेरे पास चाबी नहीं थी, लेकिन स्कूटर चल गया। दूसरी बार, मेरा फोन स्विच ऑफ था और चाबी ऑफिस में थी, तब भी स्कूटर चल गया। ये दोनों घटनाएं सॉफ्टवेयर बग या किसी सिस्टम की गड़बड़ी के कारण हुई होंगी, जिससे चोरी का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, यह सिर्फ दो बार हुआ है और उसके बाद ऐसी कोई समस्या नहीं आई।
तीसरा और सबसे बड़ा नेगेटिव है इसका लिंप मोड। यह एक सेफ्टी फीचर है जो बैटरी में गड़बड़ी होने पर स्कूटर को साइड में लगाने का संकेत देता है। लेकिन, अगर यह गलत तरीके से लागू हो, तो यह खतरनाक हो सकता है। Hero इस स्कूटर में इसे ठीक से लागू करने में विफल रहा है। मेरे स्कूटर में यह समस्या 20-25 बार हुई है। हालांकि, मैं कभी बहुत बुरी स्थिति में नहीं था, लेकिन कई लोग हाईवे पर तेज गति से चलते हुए अचानक ब्रेक लगने से दुर्घटना का शिकार हुए हैं।
"लिंप मोड अचानक ब्रेक लगाकर जानलेवा साबित हो सकता है, और Hero ने इसे ठीक से लागू नहीं किया।"
जब दोनों बैटरियां लगी होती हैं और एक ज्यादा डिस्चार्ज होती है, तो लिंप मोड आ जाता है। अगर गड्ढे में जाने से एक बैटरी डिस्कनेक्ट हो जाए, तब भी यह समस्या आती है। कंपनी ने इसका कोई समाधान नहीं बताया। फिलहाल, मैं एक बैटरी पर चल रहा हूँ और तब से लिंप मोड की समस्या नहीं आई है।
आफ्टर-सेल सर्विस: निराशाजनक अनुभव
Hero जैसी कंपनी से अच्छी आफ्टर-सेल सर्विस की उम्मीद थी, लेकिन Hero Vida ने मेरे धैर्य की परीक्षा ली है।
शुरुआत में, 2024 में, सर्विस क्वालिटी शानदार थी। सर्विस सेंटर में आपको बुलाया जाता था, आपकी हर बात सुनी जाती थी, और स्कूटर उसी दिन शाम तक या अगले दिन तक तैयार हो जाता था। तब हर महीने लगभग 1000 यूनिट बिक रही थीं।
2025 में, जब सेल बढ़कर 5,000-10,000 यूनिट प्रति माह हो गई, तो सर्विस क्वालिटी धीरे-धीरे गिरने लगी। फीडबैक कॉल आना बंद हो गए, और सर्विस की क्वालिटी भी डाउन हो गई।
2026 तक, सर्विस क्वालिटी बेहद खराब हो गई। मेरे स्कूटर में बटनों की समस्या आई, और स्टार्ट-स्टॉप बटन को भी मुझे पैसे देकर बदलवाना पड़ा, जबकि दूसरों के वारंटी में बदले गए।
जुलाई 2025 में, मेरा स्कूटर अचानक बंद हो गया, न लॉक होता था, न चार्ज होता था। सर्विस सेंटर से रिस्पांस नहीं मिला। 5 दिन बाद स्कूटर पिकअप हुआ, और 2 दिन बाद बताया गया कि ऑक्सिलरी बैटरी डिस्चार्ज हो गई है। कुल मिलाकर, 10 दिन बाद स्कूटर मिला, वह भी एक सामान्य समस्या के लिए।
"Hero Vida की सर्विस क्वालिटी इतनी गिरी है कि 10 दिन बाद भी सामान्य समस्या का समाधान नहीं मिला।"
जुलाई 2025 के अंत में, वही समस्या फिर से आई - स्कूटर चार्ज नहीं हो रहा था। ऑक्सिलरी बैटरी बदली, लेकिन एक मुख्य बैटरी बार-बार आ-जा रही थी और चार्ज नहीं हो रही थी। कंप्लेंट करने पर फिर वही 5 दिन का इंतजार, फिर 15-20 दिन बाद पिकअप। स्कूटर सर्विस सेंटर पर 6-7 दिन तक यूं ही पड़ा रहा। मुझे बताया गया कि स्कूटर ठीक करने के लिए इंजीनियर नहीं हैं।
डेढ़ महीने तक सर्विस सेंटर पर रहने के बाद, मुझे बताया गया कि एक बैटरी खराब है। जब मैंने पूछा कि क्या यह सामान्य है, तो सुपरवाइजर ने कहा कि यह काफी कॉमन प्रॉब्लम है और कई लोगों की बैटरी खराब हुई है।
"Hero Vida का दावा है कि बैटरी खराब होना 'कॉमन प्रॉब्लम' है, यह सुनकर हैरान रह गया।"
मैंने बैटरी बदलने की कंप्लेंट लिखवाई, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बाद भी मुझे कोई डेट नहीं दी गई है। हर बार सर्विस सेंटर जाकर सिर्फ यही जवाब मिलता है कि "नेक्स्ट आपकी ही आने वाली है।"
पहले मैं Hero Vida के प्रोडक्ट और सर्विस दोनों की तारीफ करता था, लेकिन अब प्रोडक्ट की रेटिंग 10 में से 6.5 है, जबकि सर्विस की रेटिंग 8 से गिरकर सीधा 3 पर आ गई है।
निष्कर्ष:
2 साल 3 महीने के अनुभव के बाद, प्रोडक्ट वाइज मुझे ज्यादा दिक्कत नहीं है। यह कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर था, इसलिए समस्याएं आना स्वाभाविक था। लेकिन Hero जैसी कंपनी से आफ्टर-सेल सर्विस की उम्मीद काफी ज्यादा थी। Ather और TVS जैसी कंपनियां अच्छा कर रही हैं, और Hero भी शुरुआत में अच्छा कर रहा था। लेकिन जैसे-जैसे सेल बढ़ी, सर्विस क्वालिटी गिरती गई। उम्मीद है कि Hero अपनी शुरुआती सर्विस क्वालिटी को फिर से हासिल करेगा।