- इलेक्ट्रिक कार बाजार का पूरा विश्लेषण
- टॉप 5 का घमासान: मारुति का चमत्कार
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: रिकॉर्ड तोड़ परफॉरमेंस
भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) क्रांति का वह दिन आखिरकार आ चुका है जिसका विशेषज्ञ लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इस महीने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सेल में जो उछाल देखा गया है, उसे 'छप्पड़ फाड़ सेल' कहना गलत नहीं होगा।
देश में चल रहे पेट्रोल संकट ने लोगों को एक बड़ा विकल्प चुनने पर मजबूर कर दिया है। इसे 'आपदा में अवसर' की तरह देखा जा रहा है, जहां पेट्रोल की कमी ने ईवी बाजार को एक नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में River Indie और Ather जैसे खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसकी उम्मीद शायद किसी ने नहीं की थी। वहीं दूसरी तरफ, इलेक्ट्रिक कार बाजार में Maruti ने वह कारनामा कर दिखाया है जिसने सबको हैरान कर दिया है।
मार्च के महीने में कुल 21,750 इलेक्ट्रिक कारें बेची गई हैं। अगर हम पिछले महीने से तुलना करें (Month on Month), तो इसमें 58% की बढ़त देखी गई है।
सालाना आधार पर (Year on Year) यह ग्रोथ 77% तक पहुँच चुकी है। यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय बाजार अब इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन के लिए पूरी तरह तैयार है।
इलेक्ट्रिक कार बाजार का पूरा विश्लेषण
शुरुआत करते हैं ग्लोबल दिग्गज Tesla से, जो फिलहाल भारतीय टॉप 10 की सूची से बाहर है। फरवरी में टेस्ला ने 29 यूनिट्स बेची थीं, जबकि मार्च में यह बढ़कर 49 यूनिट्स हो गई हैं, जो 30% की बढ़त है।
नंबर 10 पर लग्जरी ब्रांड Mercedes का कब्जा बरकरार है। कंपनी ने मार्च में 96 इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा केवल 65 था।
मर्सिडीज की महीने-दर-महीने ग्रोथ 47% रही है और इसका मार्केट शेयर 0.4% है। लक्जरी सेगमेंट में लोग अब साइलेंट और पावरफुल इलेक्ट्रिक इंजन की तरफ बढ़ रहे हैं।
नंबर 9 पर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ BYD खिसक कर आ गया है। पिछले महीने BYD पाँचवें स्थान पर था, लेकिन इस बार इसने 413 कारें बेचकर नौवां स्थान हासिल किया है।
BYD की सेल्स में 34% की मंथ-ऑन-मंथ ग्रोथ तो है, लेकिन अन्य कंपनियों के मुकाबले इसकी रफ़्तार धीमी पड़ी है। इसके पीछे कुछ Restrictions और अन्य खिलाड़ियों का बढ़ता कंपटीशन एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
आठवें स्थान पर BMW India ने अपनी स्थिति मजबूत रखी है। BMW ने मार्च में 434 इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं, जो पिछले महीने के 245 के मुकाबले 77% की जबरदस्त बढ़त है।
लग्जरी ब्रांड्स में BMW और Mercedes दोनों की सेल्स ऊपर जाना यह दर्शाता है कि प्रीमियम ग्राहक अब ईवी को स्टेटस सिंबल और उपयोगिता दोनों मान रहे हैं। सातवें नंबर पर Kia का कब्जा है जिसने 457 कारें डिलीवर की हैं।
किआ(KIA) की सेल्स मुख्य रूप से उनकी EV6 से आ रही है। बाजार को अब उनकी आने वाली नई ईवी का इंतजार है, जो दो-तीन महीनों में लॉन्च हो सकती है।
छठे स्थान पर Hyundai Motor बनी हुई है। हुंडई ने मार्च में 473 इलेक्ट्रिक यूनिट्स की सेल की है, जो 55% की मंथ-ऑन-मंथ ग्रोथ है।
जब से हुंडई ने अपनी नई ईवी रेंज पर फोकस बढ़ाया है, तब से उनकी सेल्स में स्थिरता और बढ़त देखी जा रही है। मार्केट शेयर के मामले में भी हुंडई 2.1% पर मजबूती से खड़ी है।
टॉप 5 का घमासान: मारुति का चमत्कार
असली मुकाबला टॉप 5 कंपनियों के बीच है, जहाँ सबसे ज्यादा वॉल्यूम देखा गया है। नंबर 5 पर VinFast है, जिसने 688 यूनिट्स बेचकर 79% की ग्रोथ दर्ज की है।
लेकिन मार्च की सबसे बड़ी खबर Maruti E-Vitara रही है। पिछले महीने 9वें नंबर पर रहने वाली मारुति अब चौथे स्थान पर छलांग लगा चुकी है।
मारुति ने मार्च में 940 इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं, जो फरवरी की 214 यूनिट्स के मुकाबले 339% की अविश्वसनीय ग्रोथ है। मारुति पर ग्राहकों का भरोसा और 15-16 लाख की सही प्राइसिंग ने यह कमाल कर दिखाया है।
तीसरे स्थान पर JSW MG है, जो पहले दूसरे स्थान पर हुआ करती थी। एमजी ने 5,113 कारें बेची हैं और 23.5% मार्केट शेयर पर कब्जा जमाया है।
हालांकि एमजी की सेल्स में 54% की बढ़त है, लेकिन उनकी पुरानी कारों की हाइप अब धीरे-धीरे कम हो रही है। लोग अब उनके नए फेसलिफ्ट और मॉडल्स का इंतजार कर रहे हैं।
इस बार का बड़ा सरप्राइज Mahindra रहा है, जो दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। महिंद्रा ने मार्च में 5,227 इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं, जो एमजी से करीब 100-114 गाड़ियां ज्यादा हैं।
महिंद्रा की इस सफलता के पीछे XUV 400 और खास तौर पर XUV 9S का बड़ा हाथ है। XUV 9S की डिमांड बाजार में बहुत ज्यादा बढ़ गई है और सड़कों पर इसकी मौजूदगी साफ दिख रही है।
नंबर वन के सिंहासन पर हमेशा की तरह Tata Motors का राज है। टाटा ने मार्च में 8,216 इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं, जो 47% की मंथ-ऑन-मंथ बढ़त है।
हालांकि टाटा का मार्केट शेयर 40% से गिरकर 37% पर आ गया है, लेकिन वॉल्यूम के मामले में उन्हें पछाड़ना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है। टाटा की पकड़ हर सेगमेंट में बहुत मजबूत है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: रिकॉर्ड तोड़ परफॉरमेंस
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में मार्च का महीना ऐतिहासिक रहा है। कुल 1,90,000 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई है, जो 73% की मासिक बढ़त दिखाती है।
नंबर 10 पर E-Sprinto है जिसने 1,510 यूनिट्स की सेल की है। वहीं 9वें स्थान पर Simple One ने वापसी की है, जो पिछले महीने 10वें नंबर पर था।
सिंपल वन ने मार्च में 1,744 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे हैं, जो 128% की मंथ-ऑन-मंथ ग्रोथ है। कंपनी अब धीरे-धीरे अपनी डिलीवरी की रफ़्तार पकड़ रही है और टॉप 10 में अपनी जगह पक्की कर रही है।
आठवें स्थान पर BGauss ने अपनी स्थिति बरकरार रखी है। इन्होंने मार्च में 3,680 यूनिट्स बेची हैं, जो 52% की बढ़त दर्शाता है।
नंबर 7 पर River Indie ने सबको अपनी सेल्स से हैरान कर दिया है। फरवरी में 2,255 यूनिट्स बेचने वाली इस कंपनी ने मार्च में 4,146 स्कूटर्स बेचे हैं।
हैरानी की बात यह है कि रिवर इंडी एक प्रीमियम 1.5 लाख रुपये का स्कूटर है। इसके बावजूद 83% की मंथली ग्रोथ यह साबित करती है कि भारतीय ग्राहक क्वालिटी के लिए पैसा खर्च करने को तैयार हैं।
ओला की टेंशन और एथर का जलवा
छठे स्थान पर Greaves Mobility है जिसने 7,965 यूनिट्स बेची हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Ola Electric की हो रही है, जो पाँचवें स्थान पर आ गई है।
ओला ने मार्च में 10,117 यूनिट्स बेची हैं, जो पिछले महीने की तुलना में 154% की बढ़त है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि ओला की सालाना ग्रोथ (Yearly) 57% गिरी है।
ओला एकमात्र ऐसा बड़ा खिलाड़ी है जिसकी सेल पिछले साल के मुकाबले कम हुई है। भारी डिस्काउंट और ऑफर्स के बावजूद ओला को कड़ी चुनौती मिल रही है।
चौथे नंबर पर Hero Vida अपनी अब तक की सबसे बेस्ट सेल 21,434 यूनिट्स के साथ खड़ा है। हीरो विडा ने अपनी सेल्स में 70% की मासिक बढ़त दर्ज की है।
नंबर 3 पर Ather ने सबको पूरी तरह से स्तब्ध कर दिया है। एथर ने मार्च में 35,688 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे हैं, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 20,585 था।
एथर का कोई भी स्कूटर 1 लाख के नीचे नहीं आता, फिर भी 35,000 से ज्यादा बिक्री होना चमत्कार जैसा है। यह साबित करता है कि अच्छी सर्विस और बेहतरीन बिल्ड क्वालिटी ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
नंबर 2 पर Bajaj Chetak का कब्जा है जिसने मार्च में 46,246 यूनिट्स की सेल की है। बजाज ने अपनी सेल्स में 82% की भारी बढ़त हासिल की है।
लेकिन नंबर 1 का ताज अभी भी TVS iQube के पास है। टीवीएस ने मार्च में 49,453 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचकर सबको पीछे छोड़ दिया है।
टीवीएस की 56% की मंथली ग्रोथ और उनके नए वेरिएंट्स ने कंपनी को टॉप पर बनाए रखा है। बजाज और टीवीएस के बीच का यह मुकाबला आने वाले समय में और भी रोमांचक होने वाला है।
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और अन्य खिलाड़ियों का हाल
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल सेगमेंट में भी हलचल तेज है। Matter Motor ने मार्च में 123 यूनिट्स बेची हैं, जो 86% की बढ़त है।
वहीं Oben Electric ने 573 यूनिट्स बेचकर अपनी दूसरी सबसे बेस्ट सेल दर्ज की है। Ultraviolette की सेल्स में कुछ खास इजाफा नहीं हुआ और यह 276 यूनिट्स पर सीमित रही।
Revolt ने जबरदस्त वापसी करते हुए मार्च में 1,328 बाइक्स बेची हैं, जो 103% की बढ़त है। बाइकिंग सेगमेंट में अभी भी रिवोल्ट की पकड़ काफी मजबूत नजर आ रही है।
दूसरी तरफ, कुछ जापानी और लग्जरी कंपनियों के लिए मार्च का महीना अच्छा नहीं रहा। Suzuki की सेल्स 3% गिरकर 320 यूनिट्स पर आ गई है।
Honda ने भी 27% की गिरावट दर्ज की है और केवल 140 यूनिट्स बेची हैं। BMW टू-व्हीलर की सेल भी 30% गिरकर 32 यूनिट्स तक सिमट गई है।
निष्कर्ष: भविष्य की राह
इस महीने के आंकड़े बताते हैं कि टू-व्हीलर सेगमेंट में ईवी की हिस्सेदारी (Penetration) अब 9.7% तक पहुँच गई है। इसका मतलब है कि हर 100 में से लगभग 10 स्कूटर अब इलेक्ट्रिक बिक रहे हैं।
पेट्रोल की कीमतों और उपलब्धता के संकट ने ग्राहकों को ईवी के फायदों के बारे में सोचने पर मजबूर किया है। अब जो लोग ईवी खरीद रहे हैं, वे 'माउथ पब्लिसिटी' के जरिए दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
एक बार इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाने के बाद पेट्रोल गाड़ियों पर वापस जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। मार्च की यह छप्पड़ फाड़ सेल भारत के भविष्य की एक झलक मात्र है।
कंपनियों को अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस क्वालिटी पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर यही रफ़्तार रही, तो अगले एक साल में ईवी बाजार के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे।
ईवी सेल्स में आए इस बड़े उछाल ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय सड़कों का भविष्य अब पूरी तरह से Green और Electric होने वाला है।