- Yamaha Aerox EV: मीडिया ने क्यों कहा 'बवासीर'?
- कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: EV कारें अब होंगी महंगी
- Sodium-Ion Battery: 2027 में खत्म होगा लिथियम का राज?
भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में इस हफ्ते काफी हलचल रही है। जहां एक ओर दिग्गज कंपनियां अपने नए मॉडल्स उतार रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ बड़े ब्रांड्स को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
Yamaha की बहुप्रतीक्षित Aerox EV को लेकर मीडिया की प्रतिक्रिया काफी तीखी रही है। इसके साथ ही Tata Motors ने अपनी नई Safari EV के जरिए बाजार में दबदबा बनाने की तैयारी पूरी कर ली है।
Yamaha Aerox EV: मीडिया ने क्यों कहा 'बवासीर'?
Yamaha के दो नए इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मीडिया राइड हाल ही में संपन्न हुई और जो परिणाम निकलकर आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। खास तौर पर Aerox EV को लेकर भारतीय मीडिया ने बहुत ही नकारात्मक फीडबैक दिया है।
रिव्यूअर्स का कहना है कि जिस एग्रेसिव परफॉर्मेंस के लिए Aerox ब्रांड जाना जाता है, वह इस इलेक्ट्रिक अवतार में कहीं भी नजर नहीं आती। इसके Eco Mode को कछुए की चाल जैसा बताया गया है, जो राइडर को काफी निराश करता है।
इसमें एक Boost Mode दिया गया है जो केवल 10 सेकंड के लिए काम करता है और फिर से इस्तेमाल करने के लिए 30 सेकंड का इंतजार करना पड़ता है। मीडिया ने इसे "एरोक्स के नाम पर कलंक" तक कह दिया है, क्योंकि यह स्कूटर सिर्फ नाम का एरोक्स है, परफॉर्मेंस का नहीं।
जापानी कंपनियों जैसे Honda, Suzuki और Yamaha का टू-व्हीलर सेगमेंट में बहुत बड़ा नाम है, लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट में इनका प्रदर्शन समझ से परे है। ऐसा लगता है कि ये कंपनियां जानबूझकर ईवी पर ध्यान नहीं देना चाहतीं और आज भी पेट्रोल पर ही शिफ्ट रहना चाहती हैं।
Yamaha EC06 की बात करें तो यह River India के स्कूटर पर आधारित है, लेकिन इसकी कीमत काफी ज्यादा होने की उम्मीद है। वहीं Aerox EV की कीमत 2 लाख रुपये से ऊपर जा सकती है, जो इसे किसी भी लिहाज से एक समझदारी भरा सौदा नहीं बनाती।
कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला: EV कारें अब होंगी महंगी
कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी में एक ऐसा बदलाव किया है जिससे ईवी खरीदारों को बड़ा झटका लगा है। सरकार ने अब ईवी कारों पर स्लैब के आधार पर Road Tax लागू कर दिया है।
पहले 25 लाख रुपये से कम की इलेक्ट्रिक कारों पर कोई रोड टैक्स नहीं था, लेकिन अब नई नीति के तहत 10 लाख से नीचे की गाड़ियों पर 5% टैक्स लगेगा। वहीं 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की गाड़ियों पर 8% का टैक्स वसूल किया जाएगा।
25 लाख रुपये से ऊपर की गाड़ियों पर पहले से ही 10% टैक्स लागू था, जिसे बरकरार रखा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि Electric Two-Wheelers को फिलहाल इस टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया है।
सरकार के मुताबिक, उनका रोड टैक्स कलेक्शन का टारगेट 15,000 करोड़ रुपये था, लेकिन केवल 14,000 करोड़ ही कलेक्ट हो पाए। इस 1000 करोड़ के गैप को भरने के लिए ईवी पर टैक्स लगाया गया है, जिससे 250 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद है।
इस फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि ईवी पर रोड टैक्स लगाना Clean Energy मिशन पर "रिवर्स गियर" लगाने जैसा है।
इससे न केवल ईवी एडॉप्शन धीमा होगा, बल्कि मध्यम वर्ग के खरीदारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। जब अन्य राज्य ईवी को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दे रहे हैं, तब कर्नाटक का यह कदम काफी पीछे ले जाने वाला है।
Sodium-Ion Battery: 2027 में खत्म होगा लिथियम का राज?
बैटरी टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ी क्रांति दस्तक दे रही है। Sodium-ion Battery अब 2027 तक लिथियम-आयन बैटरी के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभर सकती है।
चाइना की हिना बैटरी टेक्नोलॉजी ने संकेत दिए हैं कि 2027 वह साल होगा जब सोडियम-आयन बैटरी की लागत लिथियम के बराबर आ जाएगी। वर्तमान में सोडियम बैटरी की उत्पादन लागत लिथियम से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन यह तेजी से गिर रही है।
सोडियम-आयन बैटरी के फायदे बहुत ज्यादा हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे किसी भी समुद्र के पानी से निकाला जा सकता है, जिससे कच्चे माल की कमी कभी नहीं होगी।
इसके अलावा, ये बैटरियां Extreme Low Temperature (-10 से -30 डिग्री सेल्सियस) में भी लिथियम के मुकाबले 20% बेहतर परफॉर्मेंस देती हैं। इनकी चार्ज साइकिल भी काफी ज्यादा होती है, जो इन्हें लंबे समय तक टिकाऊ बनाती है।
भविष्य में इलेक्ट्रिक ट्रक्स और बड़े कमर्शियल वाहनों में सोडियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो ईवी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
Tata Safari EV: महिंद्रा की XUV.e9 को सीधा मुकाबला
टाटा मोटर्स इस साल के फेस्टिव सीजन (अक्टूबर-नवंबर) में अपनी सबसे दमदार इलेक्ट्रिक एसयूवी Safari EV लॉन्च करने जा रही है। यह सीधे तौर पर महिंद्रा की XUV.E9 को टक्कर देगी।
Safari EV मूल रूप से Harrier EV का सेवन-सीटर वर्जन होगी। इसमें टाटा अपनी बेहतरीन टेक्नोलॉजी और प्रीमियम फीचर्स को शामिल करने वाला है।
पावरट्रेन की बात करें तो इसमें 65 kWh और 75 kWh के दो बैटरी पैक विकल्प मिल सकते हैं। 65 kWh वाले पैक से करीब 538 किमी और 75 kWh वाले पैक से 627 किमी की सर्टिफाइड रेंज मिलने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि Safari EV में All-Wheel Drive (AWD) सिस्टम भी दिया जाएगा, जो इसे ऑफ-रोडिंग के दीवानों के लिए एक शानदार विकल्प बनाएगा। महिंद्रा की XUV.e9 में फिलहाल रियर व्हील ड्राइव ही देखने को मिलता है, जहां टाटा को बढ़त मिल सकती है।
टाटा सफारी ईवी में 540-डिग्री कैमरा सिस्टम और रिमोट समन मोड जैसे फीचर्स भी होंगे। इसकी कीमत हैरियर ईवी से थोड़ी प्रीमियम रखी जाएगी, लेकिन यह टाटा की अब तक की सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक कार साबित हो सकती है।
EV Battery Digital ID: अब बैटरी का भी होगा 'आधार'
भारत में ईवी बैटरियों के लिए Digital ID या आधार सिस्टम इसी साल के अंत तक शुरू होने वाला है। चीन में यह व्यवस्था 1 अप्रैल से पहले ही लागू हो चुकी है।
इस सिस्टम के तहत हर बैटरी पैक को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिससे उसकी पूरी Lifecycle को ट्रैक किया जा सकेगा। यह बैटरी कब बनी, किस गाड़ी में लगी, कितनी बार मेंटेनेंस हुई और इसे कब रिसाइकिल किया गया, सब कुछ रिकॉर्ड में होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी रिसाइकिलिंग को बढ़ावा देना और इललीगल डिस्पोजल को रोकना है। कई बार कंपनियां पुरानी बैटरियों को सही से डिस्पोज करने के बजाय डंप कर देती हैं, जो पर्यावरण के लिए खतरनाक है।
चीन में पहले से ही 7,000 से ज्यादा रिसाइकिलिंग सेंटर्स हैं और 2030 तक उनका लक्ष्य 10 लाख टन बैटरी रिसाइकिल करने का है। भारत में भी इस पायलट प्रोजेक्ट के शुरू होने से ईवी इंडस्ट्री में पारदर्शिता आएगी।
Google Maps का मास्टरस्ट्रोक: रेंज की टेंशन होगी खत्म
Google Maps ने ईवी मालिकों के लिए पिछले 10 सालों का सबसे बड़ा अपडेट पेश किया है। अब आपको रास्ते में बैटरी खत्म होने की चिंता नहीं सताएगी।
गूगल ने एक AI-powered Trip Planning फीचर रोल आउट किया है। आपको बस अपनी गाड़ी का ब्रांड और मॉडल सेलेक्ट करना है, उसके बाद गूगल आपकी रियल-टाइम एफिशिएंसी के आधार पर सुझाव देगा।
यह आपको बताएगा कि रास्ते में कौन सा चार्जर उपलब्ध है और आपको वहां कितनी देर रुकना है। यह भी बताएगा कि 10 या 20 मिनट की चार्जिंग से आपकी गाड़ी कितने किलोमीटर और चल पाएगी।
अगर आपकी बैटरी कम हो रही है, तो गूगल मैप्स आपको AC बंद करने या स्पीड कम करने जैसे सुझाव भी देगा। फिलहाल यह फीचर यूएस में 350 से ज्यादा मॉडल्स के लिए उपलब्ध है और भारत में इस साल के अंत तक आ जाएगा।
Humanoid Robots: फैक्ट्री में अब इंसानों की जगह लेंगे रोबोट्स
जमाना इतनी तेजी से बदल रहा है कि अब फैक्ट्रियों में इंसानों की जगह Humanoid Robots को इंटर्न के तौर पर रखा जा रहा है। चीन की डोंगफेंग ल्यूझोउ मोटर ने UBTECH के रोबोट्स को अपनी फैक्ट्री में तैनात किया है।
लगभग 120 रोबोट्स वहां काम सीख रहे हैं और लेबर वाला काम जैसे सामान उठाना या क्रेट्स को सही जगह रखना, खुद कर रहे हैं। इन रोबोट्स को थकान नहीं होती और इनकी बैटरी कुछ ही मिनटों में चार्ज हो जाती है।
रोबोटिक्स कंपनी UBTECH की ग्रोथ 50% से ज्यादा बढ़ गई है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने Chief Scientist की नौकरी के लिए 150 करोड़ रुपये (18 मिलियन डॉलर) का सालाना पैकेज ऑफर किया है।
आने वाले समय में शारीरिक श्रम वाली नौकरियों में इंसानों को इन रोबोट्स से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। ये रोबोट्स न केवल काम जल्दी करते हैं, बल्कि इनकी सटीकता भी काफी अधिक होती है।
Simple One Family Scooter: पहली बार दिखा नया अवतार
सिंपल वन का बहुप्रतीक्षित Family Scooter पहली बार भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। इसके मौजूदा मॉडल्स काफी शार्प और स्पोर्टी थे, लेकिन यह नया स्कूटर पूरी तरह से फैमिली वाइब्स दे रहा है।
इसमें लंबी सिंगल-पीस सीट, फ्रंट में टेलिस्कोपिक सस्पेंशन और रियर में ड्रम ब्रेक दिए गए हैं। डिजाइन के मामले में यह TVS iQube और Ather Rizta को टक्कर दे सकता है।
अगर सिंपल वन इसे 1.20 लाख रुपये की सही कीमत और करीब 100 किमी की रियल रेंज के साथ लॉन्च करता है, तो यह बाजार में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारत में फैमिली स्कूटर्स की डिमांड सबसे ज्यादा है।
भारत का पहला 400 kW DC Fast Charger
भारत में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए चित्रदुर्गा में देश का पहला 400 kW DC Fast Charger शुरू हो गया है। इसे जिओन चार्जिंग (Zeon Charging) ने स्थापित किया है।
यह एक हाइपर चार्जर है जिसे इटालियन ब्रांड Alpitronic ने बनाया है। इसकी केबल 400 से 600 एंपियर तक का करंट डिलीवर कर सकती है, जिसमें लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
इसका मतलब है कि प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें जो हाई-स्पीड चार्जिंग सपोर्ट करती हैं, वे महज कुछ ही मिनटों में फुल चार्ज हो सकेंगी। यह भारत में ईवी अडॉप्शन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
EV मार्केट की कुछ अन्य बड़ी खबरें
टेस्ला ने अपनी लोकप्रिय Model S और Model X का प्रोडक्शन आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। कंपनी अब अपने नए और भविष्य के मॉडल्स पर फोकस कर रही है।
ओला इलेक्ट्रिक की मोटरसाइकिल Roaster X को PLI सर्टिफिकेशन मिल गया है, जिससे इसकी कीमतों में और भी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। वहीं जापान में टेस्ला सबसे बड़ी इंपोर्टर कंपनी बनकर उभरी है।
महिंद्रा ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए 500 Born Electric SUVs की सेल का आंकड़ा पार कर लिया है। लेकिन चिंता की बात यह है कि चीन द्वारा रिबेट घटाने के कारण लिथियम-आयन बैटरी की कीमतें बढ़ सकती हैं।
इलेक्ट्रिक बस सेगमेंट में JBM नंबर वन बन गई है, जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर मार्केट में महिंद्रा का दबदबा कायम है। बीवाईडी (BYD) ने महज 27 दिनों में 5,000 फ्लैश चार्जर इंस्टॉल करके दुनिया को हैरान कर दिया है।
एक चौंकाने वाली खबर अमेरिका से आई है, जहां एक सीनेटर ने चीनी इलेक्ट्रिक कारों को 'कैंसर' करार दिया है और उन्हें वैश्विक स्तर पर बैन करने की मांग की है। हालांकि, वीनफास्ट (Vinfast) ने अपनी नई VF MPV7 की बुकिंग भारत में 21,000 रुपये में शुरू कर दी है।
टेस्ला एक बार फिर दुनिया की नंबर वन इलेक्ट्रिक कार कंपनी बन गई है। 2024 की पहली तिमाही में टेस्ला ने 3,58,000 कारें बेचीं, जबकि बीवाईडी 3,10,000 कारों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
अंत में, टेस्ला का बहुचर्चित Optimus Robot Gen 2 थोड़ा डिले हो गया है, क्योंकि इसमें अभी कुछ फिनिशिंग टच-अप्स बाकी हैं। यह साल ईवी इंडस्ट्री के लिए काफी क्रांतिकारी साबित होने वाला है।