- सॉफ्टवेयर और AI: Google का असली खेल
- Pixel 10A के खास फीचर्स और अपडेट्स
- Pixel Drop और एडवांस AI टूल्स
दोस्तों, Google का Pixel 10A देखकर लगता नहीं कि कहीं Google का Pixel 9A तो नहीं है। क्योंकि 10A और 9A में कुछ भी यहां पे फर्क नहीं है, वही सेम डिज़ाइन वही फ्रेम वही बॉडी वही डिस्प्ले यहां तक कि कैमरा भी नहीं बदला।
यहां तक कि प्रोसेसर भी नहीं बदला, वही पूरा का पूरा Pixel 9A घूम फिर के आ गया Pixel 10A बनकर। लेकिन Google ने आखिर इसे क्यों किया है लॉन्च? और क्या है इसके पीछे की कहानी? चलिए इसके बारे में विस्तार से पता लगाते हैं।
Google Pixel के बारे में, एक बात बता सकता हूँ कि ये लोग हार्डवेयर में कभी भी नहीं खेलते। ना ही अपना बेस्ट चिप डालकर देंगे, ना ही अपना बेस्ट पॉसिबल हार्डवेयर कभी भी किसी फोन में देंगे।
सॉफ्टवेयर और AI: Google का असली खेल
एक चीज जिस पे Google हमेशा से खेलता है ना वो होता हमेशा से उसका सॉफ्टवेयर। वे हमेशा सॉफ्टवेयर के बारे में बात करते थे और जब से AI का जमाना आ गया तो AI के जो फीचर्स होते हैं उसके बारे में ही सारी चर्चा होती है।
Pixel phones के साथ एक इंटरेस्टिंग चीज यह देखी गई है कि जो AI के फीचर और जो सॉफ्टवेयर के फीचर आपको महंगे Pixel phones में मिलते हैं, वही सारी चीजें आपको एक रेगुलर Pixel 10A में भी देखने को मिलती हैं।
जैसे कि कुछ चीजों के बारे में बात करें तो Google का Gemini (जेमिनाई), जेमिनाई लाइव का इंटीग्रेशन हो या फिर बात करें आपकी कनेक्टेड ऐप्स और Gemini Extensions की, वो सब इसमें मिलता है।
इसके साथ ही Circle to Search जैसे फीचर मिलते हैं, यहां तक कि आपको वेब पर समरी मिलती है। यानी कि जितनी भी Google की ऐप्स हैं ना, सब में जेमिनाई इंटीग्रेट हो चुका है, चाहे वो Chrome हो या Google की AI-पावर्ड सर्च।
Pixel 10A के खास फीचर्स और अपडेट्स
अगर आप AI को कैसे भी यूज करना चाहते हैं Google ऐप्स के जरिए, तो वो आप कर सकते हैं क्योंकि इसके अंदर Google की AI वाला जो सपोर्ट है वो मिलता है।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि हर महीने लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच का अपडेट इसे मिलता है, जो कि एक बड़ा प्लस पॉइंट है। इसके साथ ही पिक्सल फोन के अंदर हर 3 महीने में Pixel Drop के अपडेट आते हैं।
जिस वजह से नए पिक्सल के जो फीचर्स और जो AI फीचर जो महंगे पिक्सल में आते हैं वो आपको इस Pixel 10A में भी देखने को मिलेंगे। यह पिक्सेल को दूसरे फोन ब्रांड से अलग बनाता है।
हालांकि यूजर इंटरफेस का काफी ज्यादा सिंपलिफाइड, कमोबेश मामूली लगता है। कुछ लोग जिनको Chinese UI या फिर Samsung का One UI ज्यादा अच्छा लगता है, उनको ये चीज बिल्कुल पसंद नहीं आएगी।
कई सारे फीचर्स यहां से मिसिंग लगते हैं जिसे मैं कस्टमाइजेशन की केटेगरी में रखता हूं। Google इन्हीं चीजों पे खेलता है कि वह सिंपलिस्टिक फीचर देगा, सिंपल चीज़ करेगा और लोगों को वैसे फीचर ऐड करेगा जो दूसरे नहीं देते।
Pixel Drop और एडवांस AI टूल्स
लेटेस्ट पिक्सल ड्रॉप अपडेट के अंदर यहां पर आपको Spam Call Detection का फीचर देखने को मिलता है। यहां तक कि Google फोटो में इन्होंने Help Me Edit को भी डाला है, जो काफी चर्चा में है।
इसका मतलब यह है कि नॉर्मल टाइपिंग करके या वॉइस इंस्ट्रक्शन देके आप एक फोटोग्राफ को कॉम्प्लेक्सली एडिट कर सकते हैं। इसके साथ ही Pixel Studio इमेज जनरेशन जैसे फीचर देखने को मिलते हैं।
और हाँ Tensor Chip के अंदर आपको ऑन-डिवाइस AI देखने को मिलता है क्योंकि इस फोन के अंदर Gemini Nano का सपोर्ट है। जिस वजह से कुछ AI के काम फोन खुद कर सकता है।
जैसे कि रिकॉर्डर ऐप के अंदर अगर आप किसी से बात कर रहे हैं तो उसकी ट्रांसक्रिप्शन निकालना, उसकी समरी निकालना या दो लोगों की बातचीत को एनालाइज करना, ये सारे काम डिवाइस के अंदर किए जा सकते हैं।
हालांकि ज्यादातर जो काम इसके अंदर AI के किए जा रहे हैं वो Hybrid Format में किए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि कुछ चीजें आपके मोबाइल फोन के अंदर होंगी और कुछ Google अपने क्लाउड सर्वर में करेगा।
कैमरा और मैजिक एडिटर की ताकत
पिक्सल के जो दूसरे फीचर जैसे कि 10 Pro XL में मिलते हैं, वैसे ही Magic Editor और Photo Unblur जैसे ऑप्शन यहाँ भी मौजूद हैं। कैमरा कोच भी है जो आपको गाइड करेगा कि किस तरीके से फोटो लेनी है।
यहाँ Add Me वाला ऑप्शन भी रहता है। यानी कि अगर दो लोग एक साथ फोटो में आना चाहते हैं लेकिन कोई तीसरा फोटो खींचने वाला नहीं है, तो AI के रूप में यह फोन दोनों फोटो को आपस में मिला देगा।
इसके साथ ही आपको Magic Compose मिलता है, जो एक AI राइटिंग असिस्टेंट है और इसे Google के Gboard कीबोर्ड में इंटीग्रेट कर दिया गया है। Live Translation के भी काफी अच्छे फीचर दिए गए हैं।
फेस टू फेस कन्वर्सेशन को रियल टाइम में ट्रांसलेट करना हो या Call Screening जैसे फीचर, जहाँ Google Assistant किसी भी अननोन नंबर से बात करेगा, ये सब पिक्सल को यूनिक बनाते हैं।
हार्डवेयर और डिस्प्ले: क्या यहाँ कमी रह गई?
कैमरा के अंदर HDR 10+ का सपोर्ट है और Super Resolution Zoom दिया गया है, क्योंकि यहाँ कोई टेलीफोटो ज़ूम लेंस नहीं है। AI का यूज करके ही ज़ूम की गई इमेजेस को शार्प किया जाता है।
नाइट साइट और Real Tone जैसे फीचर्स भी हैं ताकि इंसानी स्किन टोंस को एक्यूरेट दिखाया जा सके। पिक्सल ड्रॉप में Smart VIPs का सपोर्ट भी है जो जरूरी कॉन्टेक्ट्स की नोटिफिकेशन प्रायोरिटी पर दिखाएगा।
लेकिन हार्डवेयर-वाइज इस फोन के अंदर ऐसा कोई मेजर चेंज नहीं किया गया। डिस्प्ले की बात करें तो 6.3 इंच का OLED HDR डिस्प्ले है जो 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है।
इसमें Corning Gorilla Glass 7i का प्रोटेक्शन मिलता है, जो डिस्प्ले में एकमात्र सुधार है। वही इसके अंदर Tensor G4 देखने को मिलता है जो मेरी नजर में थोड़ा सा ऑलरेडी आउटडेटेड हो चुका है।
अगर यहाँ Tensor G5 दिया जाता, जो कि एक बेहतर चिपसेट होता, तो अच्छी बात होती। लेकिन इन्होंने G4 ही दिया, जो शायद Cost Cutting का एक हिस्सा है और समझ से परे है।
कीमत और परफॉरमेंस का विश्लेषण
भारत में 256 GB स्टोरेज वर्जन की कीमत 50,000 रुपये के आसपास होती है, जो थोड़ी ज्यादा लगती है। फोन Android 16 के साथ आएगा और इसमें 7 साल के Android अपडेट मिलेंगे।
कैमरा सेटअप में 48 मेगापिक्सल का मेन कैमरा और 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड कैमरा है। यहाँ 4K 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग का सपोर्ट है और सेल्फी में भी 13MP कैमरा के साथ 4K 30fps मिलता है।
स्टीरियो स्पीकर्स और हैप्टिक फीडबैक काफी अच्छे हैं। मैटेलिक फ्रेम अच्छी लगती है लेकिन पीछे सिर्फ प्लास्टिक बैक मिलता है। हालांकि, फोन में जीरो कैमरा हम्प है और पीछे से पूरा प्लेन दिखता है।
फोन का वजन 183 ग्राम है जो काफी कॉम्पैक्ट है। इसमें 5100 mAh की बैटरी है लेकिन सिर्फ 30W की चार्जिंग मिलती है। डब्बे में कोई फास्ट चार्जर देखने को नहीं मिलता है।
किसे खरीदना चाहिए यह फोन?
इस फोन को देखने के दो तरीके हैं। हार्डवेयर में सिर्फ Gorilla Glass 7i का बदलाव हुआ है, बाकी यह Pixel 9A की ही रीपैकेजिंग जैसा है। बस यह एक साल ज्यादा अपडेट लेगा।
Google के पिक्सल फोन सॉफ्टवेयर और AI एक्सपीरियंस के लिए जाने जाते हैं। पिक्सल धीरे-धीरे Android की दुनिया का iPhone बनता जा रहा है क्योंकि इसमें भी iPhone की तरह ही बड़े बदलाव जल्दी नहीं दिखते।
अगर आपकी प्रायोरिटी ऐसा फोन है जिसमें क्लीन Android एक्सपीरियंस और बेहतरीन AI फीचर्स हों, तो आप इसे देख सकते हैं। लेकिन अगर आप गेमिंग या हाई परफॉरमेंस चाहते हैं, तो यह आपके लिए नहीं है।
पिक्सल में आज के समय में भी हाई-एंड गेमिंग वाला मज़ा नहीं आता। जो लोग लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट और सिंपल यूज़ चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
अंत में, Google को चाहिए कि वह अपने पिक्सल फोन में हमेशा लेटेस्ट प्रोसेसर डाले। Apple भी अपने सस्ते मॉडल्स में नई-नई चिपलता है, लेकिन यहाँ Tensor G4 का इस्तेमाल एक बड़ी कमी लगती है।
अगर हार्डवेयर थोड़ा और बेहतर होता, खासकर G5 चिप जो TSMC के प्रोसेस पर बेस्ड है, तो एक्सपीरियंस और भी शानदार हो सकता था। तो यह थी Pixel 10A की पूरी कहानी और इसके फीचर्स का सच।