क्या IQO ऑफिशियली रिफर्बिश्ड फोन बेचकर गेम बदल रहा है? या यह एक जाल है?

क्या IQO ऑफिशियली रिफर्बिश्ड फोन बेचकर गेम बदल रहा है? या यह एक जाल है?
Story at a Glance:
  • IQO का अनोखा रिफर्बिश्ड मॉडल
  • मेरा अनुभव: ऑर्डर से लेकर पहली समस्या तक
  • सर्विस सेंटर का चक्कर: क्या यह वाकई 'स्मूथ' था?

क्या आप जानते हैं कि आपके पसंदीदा ब्रांड्स नए के अलावा पुराने, यानी 'रिफर्बिश्ड' फोन भी बेच रहे हैं? यह सच है, और यह खबर तब सामने आई जब मैंने एक कमेंट सेक्शन में एक चौंकाने वाली बात पढ़ी: IQO ऑफिशियली अपनी वेबसाइट पर रिफर्बिश्ड फोन बेच रहा है!

यह जानकर मेरा दिमाग चकरा गया। मैंने सोचा, "यह कब हुआ?" रिफर्बिश्ड फोन का आईडिया नया नहीं है, और मैंने पहले भी इन थर्ड-पार्टी सेवाओं पर बात की है जो इन फोनों को बेचती हैं। लेकिन किसी ब्रांड का खुद अपनी वेबसाइट पर रिफर्बिश्ड फोन बेचना, वह भी ऑफिशियली? यह वाकई कुछ नया है।

मैंने तुरंत IQO की वेबसाइट खंगाली। हाँ, वे अपने सामान्य फोन भी बेचते हैं, जिन्हें हम आमतौर पर Amazon जैसे प्लेटफॉर्म से खरीदते हैं। लेकिन, सबसे दिलचस्प बात रिफर्बिश्ड सेक्शन में थी। वहाँ IQO 13 भी लिस्टेड था, और उसकी कीमत देखकर मैं हैरान रह गया।

लेकिन कीमत से ज्यादा, मेरे मन में यह सवाल था कि यह "ऑफिशियल" रिफर्बिश्ड फोन, बाकी थर्ड-पार्टी विक्रेताओं से कैसे अलग है? और क्या यह वाकई एक अच्छा सौदा है, या सिर्फ़ एक और सिरदर्द? मैंने सोचा कि इस पर गहराई से पड़ताल की जाए।

IQO का अनोखा रिफर्बिश्ड मॉडल

IQO का दावा है कि वे अपने रिफर्बिश्ड फोन पर सीधे एक साल की वारंटी देते हैं। यह हैरान करने वाली बात है, क्योंकि आमतौर पर रिफर्बिश्ड फोन पर या तो 3 महीने की वारंटी मिलती है, या ज्यादा से ज्यादा 6 महीने की। और वह भी किसी थर्ड-पार्टी सेवा की तरफ से, जिसकी सर्विस की गुणवत्ता पर हमेशा सवाल रहता है।

लेकिन यहाँ, ब्रांड खुद कह रहा है कि वे सर्विस देंगे। यह एक बड़ा अंतर है। और इस मामले में, मुझे IQO की वेबसाइट पर एक और चीज बहुत पसंद आई - रिव्यूज का सेक्शन।

आम तौर पर, जब आप किसी ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट पर रिव्यूज देखते हैं, तो आपको सब कुछ परफेक्ट लगता है। नेगेटिव रिव्यूज गायब होते हैं, जैसे कभी थे ही नहीं। कई बार तो ऐसा लगता है कि ये रिव्यूज खुद ही कंपनी वालों ने लिखवाए हैं। लेकिन IQO ने यहाँ एक अलग रास्ता अपनाया है।

मैंने रिफर्बिश्ड फोन के लिए डाले गए रिव्यूज देखे। वहाँ सिंगल स्टार वाली रेटिंग भी थी, जहाँ लोगों ने लिखा कि साइड पैनल ठीक से फिट नहीं था या डिस्प्ले उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। और सबसे अच्छी बात यह थी कि IQO ने इन नेगेटिव रिव्यूज का जवाब भी दिया था!

मैंने देखा कि एक रिव्यू 2025 के 11वें महीने का है, यानी करीब दो महीने पुराना, और उसे डिलीट नहीं किया गया था। ऐसे ही कई और रिव्यूज थे - 2 स्टार, 4 स्टार, और हाँ, 5 स्टार वाले भी। लोगों ने अपनी समस्याओं को खुलकर लिखा था, और कंपनी ने उनका जवाब भी दिया था।

यह देखना वाकई अनोखा था। आज के समय में, जहाँ ज्यादातर कंपनियाँ अपनी इमेज चमकाने के लिए सब कुछ करती हैं, IQO का यह कदम सराहनीय है। उन्होंने जेन्युइन रिव्यूज को रखा है, जो यह बताता है कि वे अपनी सर्विस को लेकर गंभीर हैं।

💡 "आज के समय में, जहाँ ज्यादातर कंपनियाँ अपनी इमेज चमकाने के लिए सब कुछ करती हैं, IQO का यह कदम सराहनीय है।"

मेरा अनुभव: ऑर्डर से लेकर पहली समस्या तक

तो, मैंने फैसला किया कि क्यों न इस "ऑफिशियल" रिफर्बिश्ड फोन को खुद आजमाया जाए। मैंने IQO 13, 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वाला मॉडल ऑर्डर किया। ऑर्डर किया था 25th जनवरी को।

जब बॉक्स आया, तो मैंने उसे थोड़ा खोलकर देखा। यह बॉक्स, जो मुझे मिला, वह IQO के सामान्य फोन के बॉक्स से काफी अलग था। यह पतला था और इसमें कलर कॉम्बिनेशन भी अलग था। बॉक्स पर "रिफर्बिश्ड" साफ लिखा हुआ था।

ऑन-कैमरा ओपनिंग के बाद, मैंने फोन को टेस्ट करना शुरू किया। दिखने में फोन एकदम नया लग रहा था। कोई स्क्रैच नहीं, फ्रेम पर कोई निशान नहीं, और डिस्प्ले पर भी एक स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा था। बस, टाइप-सी पोर्ट के अंदर चार्जिंग के हल्के निशान दिख रहे थे, जो आम बात है।

लेकिन, जैसे ही मैंने फोन को इस्तेमाल करना शुरू किया, समस्या सामने आ गई। फोन बार-बार रीस्टार्ट हो रहा था! कभी-कभी तो यह फ्रीज होकर ही रीस्टार्ट हो जाता था। मैंने इसे अपने एक टीम मेंबर को भी दिया, जिसने इसे रीसेट करके, अपने ऐप इंस्टॉल करके टेस्ट किया। और हाँ, समस्या वैसी ही थी।

फोन कई बार स्विच ऑफ होने पर ऑन भी नहीं होता था, और उसे हार्ड बूट करना पड़ता था। ऐसे में, एक नया फोन खरीदने का कोई मतलब नहीं रह जाता, चाहे वह रिफर्बिश्ड ही क्यों न हो।

💡 "फोन बार-बार रीस्टार्ट हो रहा था! कभी-कभी तो यह फ्रीज होकर ही रीस्टार्ट हो जाता था।"

सर्विस सेंटर का चक्कर: क्या यह वाकई 'स्मूथ' था?

अब सवाल यह था कि इस समस्या का क्या किया जाए? मैंने IQO की वेबसाइट पर वारंटी की टर्म्स एंड कंडीशंस फिर से चेक कीं। पता चला कि IQO अपने ऑफिशियल सर्विस सेंटरों पर ही रिफर्बिश्ड फोन की सर्विस देता है। और अच्छी बात यह थी कि IQO के सर्विस सेंटर वही थे जो Vivo के सर्विस सेंटर हैं।

मैंने फोन को सीधा IQO सर्विस सेंटर ले जाने के बजाय, अपने एक टीम मेंबर, हर्षित को भेजा। मैंने चाहा कि किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट न मिले, और असली अनुभव सामने आए।

हर्षित ने बताया कि पहले दिन, जब वे फोन लेकर सर्विस सेंटर गए, तो डायग्नोसिस में कोई बड़ी समस्या नहीं निकली। उन्होंने फोन में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके उसे वापस दे दिया। लेकिन समस्या तो वहीं थी।

जब उन्होंने उस समस्या का स्क्रीनशॉट और कोड सर्विस सेंटर को भेजा, तब जाकर उन्होंने कहा कि फोन के मदरबोर्ड में दिक्कत है और उसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने मुझे चार दिन का समय दिया था, लेकिन मदरबोर्ड दो ही दिन में आ गया।

उन्होंने फोन को सबमिट करने के बाद, कुल मिलाकर करीब 2 घंटे लगे। सर्विस सेंटर पर दो बार जाना पड़ा, और कुल 2 घंटे लगे। सब कुछ ठीक हो गया, मदरबोर्ड बदल दिया गया।

यह एक्सपीरियंस, एक तरह से, स्मूथ था। मुझे वैसा ही ट्रीटमेंट मिला जैसा एक नए फोन में इशू आने पर मिलता है। बस एक बड़ा अंतर था: रिफर्बिश्ड फोन को रिप्लेस नहीं किया जा सकता, उसे ठीक करके ही दिया जाएगा। यह टर्म्स एंड कंडीशंस में साफ लिखा था।

ठीक होने के बाद का सच: क्या समस्याएं खत्म हुईं?

फोन ठीक होने के बाद, मैंने उसे करीब 15 दिन और इस्तेमाल किया, ताकि यह पक्का हो सके कि सब कुछ ठीक है। इस दौरान, फोन बिल्कुल बढ़िया चल रहा था। कोई रीस्टार्ट नहीं, कोई फ्रीज नहीं।

लेकिन, एक नई समस्या सामने आई: ऑटोमैटिक ब्राइटनेस। यह ठीक से काम नहीं कर रही थी। कभी ब्राइटनेस बहुत कम हो जाती थी, कभी सही। ऐसा लगता था जैसे इसकी ट्यूनिंग में कोई गड़बड़ है।

तो, भले ही मदरबोर्ड की समस्या ठीक हो गई थी, लेकिन एक और छोटी सी दिक्कत बनी रह गई थी।

💡 "ऑटोमैटिक ब्राइटनेस ठीक से काम नहीं कर रही थी। कभी ब्राइटनेस बहुत कम हो जाती थी, कभी सही।"

निष्कर्ष: क्या रिफर्बिश्ड फोन वाकई एक अच्छा विकल्प है?

इस पूरे अनुभव से दो बातें निकल कर आती हैं: एक अच्छा और एक बुरा।

अच्छा: IQO का ऑफिशियली रिफर्बिश्ड फोन बेचना एक बड़ा कदम है। सर्विस का अनुभव काफी स्मूथ रहा। अगर समस्या आती है, तो ब्रांड खुद उसे ठीक कर रहा है, न कि किसी थर्ड-पार्टी के भरोसे छोड़ रहा है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो थर्ड-पार्टी रिफर्बिश्ड विक्रेताओं से परेशान हो चुके हैं।

बुरा: मेरे केस में, फोन आते ही खराब निकला। यह सिरदर्द था, और मुझे सर्विस सेंटर के चक्कर लगाने पड़े। रिफर्बिश्ड फोन खरीदना, अक्सर किस्मत का खेल होता है।

सच कहूं तो, रिफर्बिश्ड फोन सस्ते तो होते हैं, लेकिन हमेशा बहुत ज्यादा डिस्काउंट पर नहीं मिलते। मेरे केस में, IQO 13, जो करीब ₹40,000 का पड़ा, जबकि नया फोन कुछ समय पहले ₹45,000 में ऑफर में मिल रहा था। यह कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं है।

अगर कीमत का अंतर बहुत ज्यादा न हो, तो नया फोन खरीदना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है। मुझे सर्विस सेंटर के दो चक्कर लगाने पड़े, और चार्जर जैसी चीजें भी बॉक्स में नहीं थीं।

मैं व्यक्तिगत रूप से, जब तक बहुत बड़ा डिस्काउंट न हो, नया फोन खरीदना पसंद करूँगा। लेकिन, अगर IQO और दूसरे ब्रांड्स इस तरह से ऑफिशियली रिफर्बिश्ड फोन बेचना जारी रखते हैं, और अच्छी सर्विस देते हैं, तो यह निश्चित रूप से एक बढ़िया विकल्प बन सकता है, खासकर अगर अच्छा डिस्काउंट मिल रहा हो।

💡 "रिफर्बिश्ड फोन खरीदना, अक्सर किस्मत का खेल होता है।"

तो, आपकी क्या राय है? क्या आपने कभी रिफर्बिश्ड फोन खरीदा है? आपका अनुभव कैसा रहा? कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं!

Rajesh Kashyap

Digital & Tech enthusiast। पिछले कई सालों से Geopolitics, Indian Finance और EV sector को closely follow कर रहा हूँ। Behind The Fold (behindthefold.in) का Founder — जहाँ हम headlines के पीछे की असली कहानी लाते हैं।

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