iPhone 17: 64,000 रुपये का फोन और 2016 की टेक्नोलॉजी?

iPhone 17: 64,000 रुपये का फोन और 2016 की टेक्नोलॉजी?
Story at a Glance:
  • iPhone 17: उम्मीदों पर पानी?
  • डिज़ाइन: वही पुराना, बस थोड़ा नया?
  • पीक ब्राइटनेस और स्क्रीन क्वालिटी: पैसे कहाँ बचाएँ?

iPhone 17: उम्मीदों पर पानी?

Apple के नए लॉन्च, खासकर 'ई' सीरीज, अक्सर चर्चा में रहती है। इस बार iPhone 17 के लॉन्च ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वाकई में गरीबों के लिए है, या सिर्फ एक महंगा मज़ाक?

एक तरफ जहाँ बाज़ार 120Hz डिस्प्ले पर आगे बढ़ रहा है, वहीं iPhone 17 अभी भी 60Hz डिस्प्ले के साथ आता है। यह 64,000 रुपये से शुरू होकर 84,000 रुपये तक जाता है।

60Hz डिस्प्ले: यह आज के दौर में एक चौंकाने वाली बात है, खासकर इस कीमत पर। बाकी सभी ब्रांड्स 120Hz या कम से कम 90Hz डिस्प्ले दे रहे हैं।

Apple की इस रणनीति पर सवाल उठना लाजिमी है। क्या वे अपने ग्राहकों को सचमुच पुरानी तकनीक बेच रहे हैं?

डिज़ाइन: वही पुराना, बस थोड़ा नया?

iPhone 17 का डिज़ाइन iPhone XR जैसा ही है। वही पुरानी नॉच (notch) स्क्रीन पर वापस आ गई है।

पुरानी नॉच की वापसी: यह डिज़ाइन 2016 या 2010 का लगता है, न कि 2026 का। Apple ने डिज़ाइन पर बिल्कुल भी मेहनत नहीं की है।

इस डिज़ाइन को कोई पसंद नहीं करता। ऐसे में iPhone 17 की बिक्री पर भी इसका असर पड़ सकता है।

हो सकता है कि लोग iPhone XR को ही प्राधान्य दें, जो सस्ता भी है और दिखने में भी लगभग एक जैसा है।

पीक ब्राइटनेस और स्क्रीन क्वालिटी: पैसे कहाँ बचाएँ?

iPhone 17 बेस मॉडल 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस देता है, जबकि इस मॉडल की पीक ब्राइटनेस केवल 12 निट्स है।

स्क्रीन ब्राइटनेस में कटौती: स्क्रीन के मामले में Apple ने पैसे बचाने की पूरी कोशिश की है। यह फोन 300 रुपये से ज्यादा का नहीं लगना चाहिए, लेकिन कीमत 64,000 रुपये से शुरू हो रही है।

फोन के दो वेरिएंट हैं: 256GB और 512GB। यह अच्छा है कि कम से कम 256GB स्टोरेज दी गई है, क्योंकि पहले Apple 64GB वाले मॉडल भी निकालता था।

लेकिन फिर भी, स्क्रीन क्वालिटी और अन्य फीचर्स के मामले में यह फोन बहुत पीछे है।

ऑलवेज ऑन डिस्प्ले (Always-On Display) का न होना: एक और झटका

इस फोन में ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले का फीचर नहीं है। इसका मतलब है कि लॉक स्क्रीन पर आप नोटिफिकेशन्स या समय जैसी चीजें नहीं देख सकते।

2016 का फीचर गायब: यह फीचर 2016-17 में आम हो गया था, लेकिन 2026 में भी यह iPhone 17 में नहीं मिल रहा है।

लोग 70,000 रुपये देकर ऐसा फोन क्यों खरीदेंगे? अगर iPhone खरीदना ही है, तो थोड़ा और पैसे लगाकर बेस मॉडल खरीदा जा सकता है या फिर रिफर्बिश्ड (refurbished) या सेकंड-हैंड फोन लिया जा सकता है।

कैमरा: सिर्फ एक?

84,000 रुपये के फोन में सिर्फ एक कैमरा है। कोई अल्ट्रा-वाइड (ultra-wide) या अन्य कोई स्पेशल लेंस नहीं है।

एक कैमरे का मजाक: Apple ने यहाँ भी कंजूसी की है। वे कह रहे हैं कि आपके पास दो आंखें हैं और एक कैमरा, तो कुल तीन कैमरे हो गए!

फ्रंट कैमरा भी पुराने जमाने का 12 मेगापिक्सल का है, जबकि नई सीरीज़ में 18 मेगापिक्सल आ रहे हैं।

कनेक्टिविटी: Wi-Fi 6 और अधूरा 5G

iPhone 17 मॉडल Wi-Fi 7 को सपोर्ट करता है, लेकिन यह मॉडल Wi-Fi 6 तक ही सीमित है।

Wi-Fi 6 से संतुष्ट?Apple का कहना है कि Wi-Fi 6 मिलना भी बहुत बड़ी बात है। लेकिन सच तो यह है कि यह एक बेकार डील है।

वायर्ड चार्जिंग भी धीमी है। वायरलेस चार्जिंग (MagSafe) भी 15W तक ही सीमित है।

इसके अलावा, यह फोन ट्रू mmWave 5G को सपोर्ट नहीं करता है, क्योंकि इसमें C1X जैसा मॉडम इस्तेमाल किया गया है। इसका मतलब है कि आपको फुल 5G स्पीड नहीं मिलेगी।

84,000 रुपये में 5G स्पीड नहीं: एक और फीचर जो आपको नहीं मिल रहा है, वह है तेज़ इंटरनेट।

निष्कर्ष: क्या यह खरीदने लायक है?

यह फोन 20,000-30,000 रुपये से ज्यादा का नहीं है, लेकिन इसे 70,000-80,000 रुपये में बेचा जा रहा है।

अगर आप एक स्मार्ट कंज्यूमर हैं, तो इस फोन को बिल्कुल न खरीदें। अगर आपको iPhone ही चाहिए, तो थोड़ा और पैसा लगाकर बेस मॉडल खरीदें, या फिर रिफर्बिश्ड या सेकंड-हैंड फोन पर विचार करें।

70,000 रुपये में आपको Android पर बहुत अच्छे फोन मिल सकते हैं, जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

Rajesh Kashyap

Digital & Tech enthusiast। पिछले कई सालों से Geopolitics, Indian Finance और EV sector को closely follow कर रहा हूँ। Behind The Fold (behindthefold.in) का Founder — जहाँ हम headlines के पीछे की असली कहानी लाते हैं।

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